
महकने दो के बच्चे आख़िर महकने लगे
आज विशाल संकल्प संस्था,के माध्यम से शिक्षा हासिल कर रहे,पाँच बच्चों ने, यू0पी0 बोर्ड के बच्चों ने शानदार जीत हासिल की। इन बच्चों को उज्जवल

आज विशाल संकल्प संस्था,के माध्यम से शिक्षा हासिल कर रहे,पाँच बच्चों ने, यू0पी0 बोर्ड के बच्चों ने शानदार जीत हासिल की। इन बच्चों को उज्जवल

बच्चों का असली काम है,पढ़ाई करना।लेकिन,आज भी बहुत सारे बच्चे इस काम से वंचित दूसरे काम को करने के लिये बाध्य है। विशाल संकल्प संस्था

कन्यापूजन सेवा के माध्यम से, बस इतना ही प्रयास विगत कई वर्षों से विशाल संकल्प संस्था कर रही है कि, इन उपेक्षित बेटियों के भी

आज मैं फूलों की खेती कर रहीं हूँ।कल जब मेरे ये फूल महकेंगे तो किसी को ख़बर हो ना हो दो को जरूर होगी।एक जिसको

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर,विशाल संकल्प संस्था व अस्तित्व भारत ने माघ मेला,संगम नोज़ से बेटियों पर संगम संवाद व कला प्रदर्शनी महकने दो,का आयोजन किया।

एक कार्यक्रम नही,एक विचारधारा है।
गत वर्षों की तरह इस साल भी 108 कन्या पूजन होगा,लेकिन नये कलेवर में। इस बार ये कार्यक्रम अष्टमी को नही द्वितीया को होगा।आप सबकी उपस्थिति हेतु